रिपोर्टर: ब्यूरो रिपोर्ट
वाहन सीज करने की कार्रवाई को लेकर बढ़ा विवाद
मीरजापुर के पड़री थाना क्षेत्र स्थित इंडियन बैंक और भारतीय स्टेट बैंक शाखा के बाहर वाहनों को सीज किए जाने की कार्रवाई को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और बैंक ग्राहकों ने सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यातायात नियमों के पालन के नाम पर चुनिंदा लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है, जबकि अन्य स्थानों पर हो रहे कथित नियम उल्लंघनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही।
हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिसकर्मी पर लगाए गए आरोप
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इंडियन बैंक पर ड्यूटी कर रहे एक पुलिसकर्मी द्वारा बैंक आने वाले कुछ ग्राहकों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और कुछ मामलों में वैध दस्तावेज होने का दावा करने वाले वाहन चालकों के वाहन भी सीज किए गए।
कुछ लोगों ने कथित रूप से अवैध धनराशि मांगने के भी आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पुलिसकर्मी का पक्ष भी अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।
कार्रवाई में पक्षपात का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि यदि यातायात नियमों का समान रूप से पालन कराया जा रहा है, तो थाना परिसर और स्टेट बैंक के सामने लंबे समय से सड़क पर खड़े होकर सवारी भरने वाले ऑटो चालकों के विरुद्ध भी कार्रवाई होनी चाहिए। उनका आरोप है कि इन स्थानों पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है, लेकिन वहां कार्रवाई नहीं होती।
ये आरोप शिकायतकर्ताओं की ओर से लगाए गए हैं, जिनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
रिकॉर्ड और सीसीटीवी जांच की मांग
शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि बैंक के बाहर अब तक सीज किए गए सभी वाहनों का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि किन कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई।
उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर और संबंधित अभिलेखों की जांच कराने की मांग भी उठाई है।
वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की अपील
ग्रामीणों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी द्वारा नियमों के विपरीत कार्रवाई या अनुचित व्यवहार की पुष्टि होती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि लगाए गए आरोप निराधार पाए जाते हैं तो पुलिस को भी उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर अपना पक्ष सार्वजनिक करना चाहिए, ताकि लोगों के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
निष्कर्ष
मीरजापुर के पड़री थाना क्षेत्र में बैंक परिसर के बाहर वाहन सीज करने की कार्रवाई को लेकर कई आरोप और सवाल सामने आए हैं। फिलहाल ये आरोप शिकायतकर्ताओं की ओर से लगाए गए हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों का विस्तृत पक्ष और किसी संभावित जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
![]()



