रिपोर्टर: मिर्जापुर ब्यूरो
मिर्जापुर। विंध्याचल सदर मार्केट स्थित पुश्तैनी भूमि विवाद को लेकर नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने स्पष्ट किया है कि मामले में प्रस्तुत सभी दस्तावेजों, अभिलेखों और साक्ष्यों का निष्पक्ष परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्णय पूरी तरह विधिक प्रावधानों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर लिया जाएगा।
सभी पक्षों के दस्तावेजों की होगी जांच
नगर मजिस्ट्रेट ने दूरभाष पर बताया कि विवाद से जुड़े सभी पक्षों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी पक्ष के साथ पक्षपात किए बिना कानून के अनुसार न्यायसंगत निर्णय सुनिश्चित किया जाएगा।
रजिस्टर्ड वसीयत और पुश्तैनी संपत्ति के अधिकारों पर होगा परीक्षण
उन्होंने कहा कि रजिस्टर्ड एवं गैर-रजिस्टर्ड (नॉन-रजिस्टर्ड) वसीयत के मामलों में न्यायालय द्वारा स्थापित विधिक सिद्धांतों के अनुसार आवश्यक परीक्षण किया जाएगा। यदि संबंधित भूमि पुश्तैनी है, तो उससे जुड़े सभी वैधानिक अधिकारों का भी परीक्षण किया जाएगा। अंतिम निर्णय सभी उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर ही लिया जाएगा।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने का भरोसा
नगर मजिस्ट्रेट ने कहा कि यदि विवाद के कारण किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने की आशंका होती है, तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर उच्च अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया जाएगा।
दूसरे पक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई
विवाद में छोटे भाइयों की ओर से मांग की गई है कि यदि किसी व्यक्ति ने कथित रूप से नगर पालिका के अभिलेखों में गलत जानकारी देकर अपना नाम दर्ज कराया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में फर्जीवाड़ा, कूटरचना या धोखाधड़ी के तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
जांच के बाद ही होगा अंतिम निर्णय
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूमि विवाद में किसी भी प्रकार का अंतिम निर्णय जांच पूरी होने और सभी दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही लिया जाएगा। फिलहाल मामला प्रशासनिक स्तर पर विचाराधीन है और निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया जारी है।
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