पटेहरा। संतनगर थाना क्षेत्र के सहरसा गांव में बुधवार की देर रात चोरी की बड़ी घटना सामने आई है। थाना से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित एक घर को चोरों ने निशाना बनाया। चोर बांस की सीढ़ी के सहारे छत पर पहुंचे और वहां से घर के आंगन में उतरकर कमरे की सिटकनी खोलकर अंदर दाखिल हो गए। इसके बाद चोर घर में रखा बक्सा और अटैची लेकर फरार हो गए। पीड़ित परिवार के अनुसार, चोरी किए गए सामान में करीब 20 हजार रुपये की नकदी और लगभग दो लाख रुपये कीमत के सोने के आभूषण शामिल हैं। घटना की जानकारी गुरुवार की सुबह परिवार के लोगों की नींद खुलने पर हुई। सूचना मिलने के बाद संतनगर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
बांस की सीढ़ी लगाकर छत पर पहुंचे चोर
सहरसा गांव निवासी कियामत अली के अनुसार बुधवार रात परिवार के सभी लोग भोजन करने के बाद सोने चले गए थे। रात करीब 12 बजे के आसपास चोर घर के पीछे रखी बांस की सीढ़ी को दीवार के सहारे लगाकर छत पर चढ़ गए। इसके बाद वे छत से नीचे आंगन में उतर गए। चोरों ने घर के एक कमरे की सिटकनी खोलकर अंदर प्रवेश किया। परिवार के लोग घर में मौजूद होने के बावजूद चोरी की भनक किसी को नहीं लगी। चोरों ने कमरे में रखे बक्से और अटैची को अपने कब्जे में लिया और वहां से निकल गए।
पीड़ित परिवार का कहना है कि बक्से और अटैची में करीब 20 हजार रुपये की नकदी रखी थी। इसके अलावा मंगलसूत्र, मांगटीका, क्लिप सहित कई सोने के आभूषण भी रखे हुए थे। परिवार ने आभूषणों की कीमत करीब दो लाख रुपये बताई है। चोरी के बाद चोर नकदी और आभूषण लेकर फरार हो गए।
सुबह खुली आंख तो बिखरा मिला सामान
परिवार के सदस्यों को घटना की जानकारी गुरुवार भोर में हुई। नींद खुलने के बाद जब उन्होंने कमरे की तरफ देखा तो सिटकनी खुली हुई थी। अंदर जाकर देखा तो सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। बक्सा और अटैची भी कमरे में मौजूद नहीं थे। इसके बाद परिवार के लोगों ने घर के आसपास तलाश शुरू की। कुछ दूरी पर उन्हें बक्सा और अटैची टूटे हुए पड़े मिले। हालांकि उनमें रखा नकदी और आभूषण समेत अन्य सामान गायब था।
चोरी का पता चलने के बाद घर में हड़कंप मच गया। परिवार के लोगों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने आसपास के इलाके में काफी देर तक खोजबीन की, लेकिन चोरों का कोई सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद पीड़ित परिवार ने घटना की सूचना संतनगर पुलिस को दी।
पुलिस ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
सूचना मिलने पर संतनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने घर के पीछे उस स्थान को भी देखा, जहां से चोरों के छत पर चढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा घर से कुछ दूरी पर मिले टूटे हुए बक्से और अटैची की भी जांच की गई। पुलिस आसपास के लोगों से घटना के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी की वारदात में कितने लोग शामिल थे और घटना के बाद आरोपी किस दिशा में फरार हुए। आसपास की गतिविधियों और संदिग्ध लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। चोरी की घटना में शामिल आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस स्थानीय स्तर पर जांच कर रही है।
थाना से महज 200 मीटर दूर वारदात से सवाल
चोरी की इस घटना को लेकर ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि थाना से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर चोरी की वारदात होना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि यदि थाना के इतने नजदीक घर को चोर निशाना बना सकते हैं तो गांव के अन्य इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता स्वाभाविक है।
ग्रामीणों ने क्षेत्र में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए संवेदनशील इलाकों में नियमित निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है। ग्रामीणों के मुताबिक रात में पुलिस की सक्रियता बढ़ने से इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
नशे के कारोबार को लेकर ग्रामीणों के आरोप
ग्रामीणों ने क्षेत्र में कथित रूप से अवैध मादक पदार्थों की बिक्री का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि थाना से कुछ दूरी पर कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री होने की चर्चा है। ग्रामीणों का आरोप है कि नशे के कारण कुछ असामाजिक तत्व चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और चोरी की मौजूदा घटना में नशे या मादक पदार्थों से जुड़े किसी व्यक्ति की संलिप्तता भी अभी सामने नहीं आई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्र में ऐसी गतिविधियां हो रही हैं तो पुलिस को इसकी जांच करनी चाहिए। लोगों ने पुलिस से चोरी की घटनाओं के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
दो महीने में कई गांवों में चोरी का दावा
स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि पिछले करीब दो महीनों के दौरान आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। ग्रामीणों के अनुसार लगातार सामने आ रही घटनाओं के कारण लोगों में डर का माहौल है। उनका आरोप है कि कई मामलों में शिकायत और सूचना देने के बावजूद चोरी की घटनाओं का अपेक्षित खुलासा नहीं हो सका है। इसी वजह से चोरों के हौसले बढ़ने की बात कही जा रही है।
ग्रामीणों ने पुलिस से पुराने चोरी के मामलों की भी समीक्षा करने और लंबित मामलों में तेजी से कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि चोरी की घटनाओं का समय रहते खुलासा हो और आरोपियों पर कार्रवाई हो तो भविष्य में ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
जल्द खुलासे का पुलिस का दावा
घटना के संबंध में संतनगर थाना अध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया कि चोरी की जानकारी मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस की ओर से फिलहाल आरोपियों की पहचान या चोरी किए गए सामान की बरामदगी को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात को कितने लोगों ने अंजाम दिया और चोरी के बाद आरोपी किस रास्ते से फरार हुए। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि पुलिस जल्द आरोपियों तक पहुंचेगी और चोरी किए गए नकदी व आभूषणों की बरामदगी करेगी। वहीं, घटना के बाद ग्रामीणों ने अपने घरों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि रात में दरवाजे, खिड़कियों और छत की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के साथ किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दी जानी चाहिए। फिलहाल सहरसा गांव में हुई इस चोरी की घटना ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है और ग्रामीण पुलिस की जांच तथा कार्रवाई के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।
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