मुंबई के चेंबूर इलाके से बेजुबान जानवरों के साथ क्रूरता का बेहद परेशान करने वाला मामला सामने आया है। पांजरापोल के कामाख्यावाड़ी इलाके में कथित तौर पर छह बिल्लियों और उनके बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। अलग-अलग दिनों में एक के बाद एक बिल्लियां मृत अवस्था में मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। शिकायत के मुताबिक, मृत बिल्लियों के सिर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। इस घटना के बाद स्थानीय पशु प्रेमियों में भारी आक्रोश है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि कामाख्यावाड़ी इलाके में कई लावारिस बिल्लियां और उनके बच्चे आसपास घूमते थे। स्थानीय लोग और पशु प्रेमी इन जानवरों को खाना भी खिलाते थे और उनकी देखभाल करते थे। लेकिन कुछ समय से इलाके में एक के बाद एक बिल्लियां मृत मिलने लगीं। शुरुआत में लोगों को यह सामान्य मौत का मामला लगा, लेकिन जब मृत बिल्लियों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान दिखाई दिए तो मामला संदिग्ध हो गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि छह बिल्लियों और उनके बच्चों को कथित तौर पर जानबूझकर निशाना बनाया गया। उनके सिर पर किसी भारी या धारदार वस्तु से हमला किए जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि अभी तक पुलिस की जांच में यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इन जानवरों की हत्या किसने की और इसके पीछे आरोपी की क्या वजह थी। पुलिस अब पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
घटना सामने आने के बाद पशु प्रेमियों में काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि बेजुबान जानवरों के साथ इस तरह की बेरहमी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती। लोगों की मांग है कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपी की पहचान करे और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पशु प्रेमियों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को आवारा जानवरों से कोई परेशानी थी, तो वह प्रशासन या पशु कल्याण संगठनों की मदद ले सकता था, लेकिन किसी जानवर की जान लेना गंभीर अपराध है।
अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चेंबूर के कामाख्यावाड़ी इलाके में इन मासूम बिल्लियों को कौन निशाना बना रहा था? क्या आरोपी अकेला था या फिर इस घटना में एक से ज्यादा लोग शामिल थे? क्या बिल्लियों को लेकर किसी व्यक्ति को परेशानी थी या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है? फिलहाल इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।
पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान पुलिस स्थानीय लोगों से पूछताछ कर सकती है और उन लोगों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं, जिन्होंने बिल्लियों को मृत अवस्था में देखा था। इसके अलावा इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांची जा सकती है। अगर घटनास्थल या उसके आसपास किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि कैमरे में कैद हुई होगी, तो पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में अहम सुराग मिल सकता है।
इस घटना ने मुंबई में आवारा जानवरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। महानगर में बड़ी संख्या में कुत्ते और बिल्लियां सड़कों और रिहायशी इलाकों में रहती हैं। कई पशु प्रेमी रोजाना इन जानवरों को खाना खिलाने और उनकी मदद करने का काम करते हैं। ऐसे में किसी बेजुबान जानवर की कथित हत्या की खबर सामने आने पर लोगों का आक्रोशित होना स्वाभाविक है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की पहचान सामने नहीं आई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर छह बिल्लियों और उनके बच्चों की मौत के पीछे कौन जिम्मेदार है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की उम्मीद है। अब सभी की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर कब इन बेजुबानों के कथित हत्यारे का चेहरा सामने आता है और उसे कानून के शिकंजे में लिया जाता है।
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