पटना। बिहार की राजनीति में भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) के रिश्तों को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दोनों दलों के गठबंधन को केवल राजनीतिक तालमेल मानने से इनकार करते हुए इसे साझा संघर्ष और पुराने संबंधों का नतीजा बताया। ‘पंचायत आजतक बिहार’ कार्यक्रम में प्रसाद ने कहा कि भाजपा और नीतीश कुमार के बीच संबंध वर्ष 2005 से 2007 के दौरान मजबूत हुए थे। उन्होंने उस दौर को ‘जंगल राज’ के खिलाफ साझा लड़ाई से जोड़कर बताया। प्रसाद के मुताबिक, भाजपा ने वरिष्ठता का सम्मान करते हुए अधिक सीटें होने के बावजूद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया था। उन्होंने एनडीए में शामिल भाजपा, जदयू, लोजपा, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी के दलों के मिलकर काम करने का भी उल्लेख किया। बिहार के विकास कार्यों पर चर्चा करते हुए प्रसाद ने पटना हवाई अड्डे के कायाकल्प, वंदे भारत ट्रेनों, अटल पथ और जेपी गंगा पथ का जिक्र किया। उन्होंने गंगा नदी पर पांच पुलों के निर्माण का भी उल्लेख किया। बाढ़ राहत कार्यों के संबंध में प्रसाद ने बख्तियारपुर और फतुहा का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने प्रभावित लोगों की मदद की और राहत कार्यों में नवनियुक्त आईएएस अधिकारियों को भी शामिल किया। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल का जिक्र करते हुए उन्होंने डिग्री कॉलेजों और शिकायत निवारण पोर्टल की चर्चा की। प्रसाद के अनुसार, पोर्टल पर लंबित शिकायतों के लिए साप्ताहिक रिमाइंडर भेजे जाते हैं और एक महीने तक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने आईटी क्षेत्र, कौशल केंद्रों और एआई डेटा यूनिवर्सिटी से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया। साथ ही कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। प्रसाद के बयान में बिहार के विकास कार्यों और एनडीए के सहयोगात्मक कामकाज पर जोर रहा। अब देखना होगा कि राज्य में विकास, रोजगार, बुनियादी ढांचे और प्रशासन से जुड़े मुद्दे आगे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में किस तरह बने रहते हैं।
![]()



