उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। बरदह पुलिस की कार्रवाई के बाद सामने आई इस कहानी में एक लड़की, उसके कथित माता-पिता और भाई समेत कई लोग गिरोह का हिस्सा बताए जा रहे हैं। यह गैंग खास तौर पर ऐसे युवकों को अपना निशाना बनाता था, जिनकी शादी नहीं हो पा रही थी। पहले युवक के परिवार से संपर्क किया जाता, फिर लड़की की तस्वीर दिखाकर रिश्ता तय कराया जाता और इसके बाद मंदिर में बाकायदा शादी की रस्में पूरी कराई जाती थीं। शादी होने के बाद कुछ समय के भीतर दुल्हन कथित तौर पर नकदी और जेवर लेकर अपने साथियों के साथ फरार हो जाती थी। पुलिस ने मामले में पांच पुरुषों और दो महिलाओं समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की जांच में गिरोह के ठगी करने का तरीका सामने आने के बाद लोग भी हैरान हैं। बताया जा रहा है कि गिरोह के सदस्य ऐसे युवकों की तलाश करते थे, जिनकी शादी लंबे समय से नहीं हो पा रही थी। ऐसे परिवारों से संपर्क कर उन्हें लड़की का फोटो दिखाया जाता और बातचीत के जरिए शादी के लिए तैयार किया जाता था। रिश्ता तय होने के बाद युवक और उसके परिवार को इस तरह विश्वास में लिया जाता था कि उन्हें किसी तरह का शक न हो। इसके बाद शादी के लिए मंदिर का रास्ता चुना जाता था, जहां रस्मों के साथ विवाह कराया जाता था।
शादी के बाद असली खेल शुरू होता था। आरोप है कि दुल्हन कुछ समय बाद अपने कथित परिजनों के साथ घर से नकदी और सोने-चांदी के जेवर लेकर निकल जाती थी। परिवार को जब तक पूरे मामले की जानकारी होती, तब तक कथित दुल्हन और उसके साथ आए लोग वहां से फरार हो चुके होते थे। इसके बाद पीड़ित परिवार खुद को ठगा हुआ महसूस करता था। इस तरीके से गिरोह शादी की इच्छा रखने वाले युवकों और उनके परिवारों के भरोसे का फायदा उठाता था।
आजमगढ़ की बरदह पुलिस को जब इस तरह की ठगी के बारे में जानकारी मिली तो मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस ने गिरोह से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई और उनके बारे में सुराग इकट्ठा किए। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे लोगों के बारे में जानकारी मिली, जो अलग-अलग जिलों में इसी तरह की शादी के मामलों से जुड़े हुए बताए जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सात कथित सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में पांच पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह में लड़की के साथ उसके कथित माता-पिता और भाई की भूमिका निभाने वाले लोग भी शामिल थे। यानी जिस परिवार को देखकर शादी करने वाला युवक और उसके घरवाले भरोसा करते थे, वह परिवार कथित तौर पर पूरी तरह से गिरोह का हिस्सा था। लड़की भी इस पूरे खेल में शामिल बताई जा रही है। यही वजह है कि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
पुलिस जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि यह गिरोह केवल आजमगढ़ तक सीमित था या इसके तार दूसरे जिलों तक फैले हुए थे। चूंकि पुलिस ने इसे अंतरजनपदीय गिरोह बताया है, इसलिए आशंका है कि आरोपियों ने अलग-अलग जगहों पर इसी तरीके से लोगों के साथ ठगी की हो सकती है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और पुराने मामलों की जानकारी जुटा रही है।
इस मामले से उन परिवारों के लिए भी चेतावनी सामने आती है, जो शादी के लिए ऑनलाइन या किसी अनजान माध्यम से मिलने वाले रिश्तों पर तुरंत भरोसा कर लेते हैं। शादी जैसे बड़े फैसले में लड़की और उसके परिवार की पहचान, पता और पृष्ठभूमि की अच्छी तरह जांच करना बेहद जरूरी है। केवल तस्वीर और बातचीत के आधार पर रिश्ता तय करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। आजमगढ़ में हुई इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग के पीछे और कौन-कौन लोग हैं और कितने परिवार इनके जाल में फंस चुके हैं। फिलहाल सात आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है और आगे की जांच में इस गिरोह से जुड़े और भी चौंकाने वाले खुलासे सामने आने की उम्मीद है।
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