रिपोर्ट: शिवम सिंह भैया
बाराबंकी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित बाराबंकी दौरे से पहले जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एहतियाती कदम उठाए हैं। इसी क्रम में अखिल भारतीय राष्ट्रीय सत्यनाम संगठन के संस्थापक महंत अखिलेश दास को उनके आवास पर ही रोक दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने उनके आवास पहुंचकर उनसे बातचीत की और क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी की गई।
20 जुलाई को प्रस्तावित है मुख्यमंत्री का दौरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 20 जुलाई को बाराबंकी के महादेवा क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान वे विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे और अन्य निर्धारित कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे।
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं।
विरोध की घोषणा के बाद उठाया गया कदम
जानकारी के अनुसार, महंत अखिलेश दास ने कोटवा धाम और पारिजात धाम में चल रहे विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज कराने की बात कही थी। इसके बाद प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उन्हें आवास पर ही रहने के लिए कहा।
पुलिस अधिकारियों ने उनके आवास पर पहुंचकर उनसे बातचीत की और शांति बनाए रखने की अपील की।
प्रशासन ने सुरक्षा को बताया प्राथमिकता
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से की गई।
महंत ने पहले भी उठाए हैं सवाल
महंत अखिलेश दास पहले भी कोटवा धाम और पारिजात धाम से जुड़े विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी आपत्तियां सार्वजनिक रूप से उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि यदि विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे।
इन आरोपों पर संबंधित विभागों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर तैयारियां पूरी
जिला प्रशासन के अनुसार कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है। पुलिस बल की तैनाती, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाराबंकी दौरे से पहले प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। महंत अखिलेश दास को एहतियातन आवास पर रोके जाने की कार्रवाई भी इसी क्रम का हिस्सा बताई जा रही है। एक ओर प्रशासन शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने की बात कह रहा है, वहीं महंत विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर अपनी आपत्तियां उठाते रहे हैं। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे और उससे जुड़े कार्यक्रमों पर टिकी हैं।
![]()



