संवाददाता मीरजापुर मनीष पाण्डेय
मिर्जापुर/विंध्याचल। विंध्याचल गंगा घाट की प्रमुख गलियों के चौड़ीकरण को लेकर उठ रहा संशय अब केवल जनचर्चा का विषय नहीं, बल्कि जनभावना का प्रश्न बन चुका है। विंध्याचल में चल रहे ड्रीम प्रोजेक्ट विंध्य कॉरिडोर को लेकर जहां उत्साह है, वहीं गंगा घाट की गलियों की चौड़ाई को लेकर असमंजस भी कम नहीं है। स्थानीय लोगों के बीच अलग-अलग आंकड़े तैर रहे हैं—कहीं 25 फीट तो कहीं 35 फीट की चर्चा। लेकिन अब तक स्पष्ट नापी और आधिकारिक घोषणा न होने से लोग संशय के साए में जी रहे हैं। निर्माण कार्य में अपनी जीवनभर की पूंजी लगाने वाले परिवार इस दुविधा में हैं कि भविष्य में मुआवजा कितने क्षेत्रफल पर मिलेगा और चौड़ीकरण की वास्तविक सीमा क्या होगी।श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को देखते हुए यह जरूरी है कि कम से कम इतनी चौड़ाई हो कि एक वाहन आसानी से आ-जा सके। खासकर प्रमुख तीन घाटों के मार्गों को लेकर स्पष्टता अत्यंत आवश्यक है। जनपद प्रशासन को चाहिए कि शीघ्र संबंधित अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर सीमांकन (मार्किंग) सार्वजनिक रूप से घोषित करे, ताकि अफवाहों पर विराम लगे और आमजन में विश्वास कायम हो।विंध्याचल केवल एक नगर नहीं, आस्था का केंद्र है। मिर्जापुर जिला प्रशासन यदि पारदर्शिता और स्पष्टता के साथ निर्णय सार्वजनिक करता है तो यह न केवल विकास कार्यों को गति देगा बल्कि श्रद्धालु हित और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करेगा।
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