विश्व योग दिवस पर हनुमान शाखा के स्वयंसेवकों ने किया योगाभ्यास, दिया ‘करें योग, रहें निरोग’ का संदेश
संवाददाता मनीष पाण्डेय✍️
विंध्याचल (मीरजापुर)। विश्व योग दिवस के अवसर पर मां विंध्यवासिनी धाम विंध्याचल स्थित मां गंगा के पावन तट पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की हनुमान शाखा के स्वयंसेवकों ने सामूहिक योगाभ्यास कर लोगों को स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने ‘करें योग, रहें निरोग’ का संदेश देते हुए योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
प्रातःकाल आयोजित इस कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। वक्ताओं ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने वाली एक प्राचीन भारतीय जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को नई ऊर्जा और सकारात्मकता प्रदान करती है।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि भारत में प्राचीन काल से ही योग साधना की समृद्ध परंपरा रही है। भारतीय दर्शन और आध्यात्मिक विचारों को विश्व पटल पर स्थापित करने में स्वामी विवेकानंद का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने शिकागो की विश्व धर्म संसद में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रभावशाली परिचय कराया था। उनके ग्रंथ ‘राजयोग’ ने महर्षि पतंजलि के जटिल योग सूत्रों को आधुनिक समाज के सामने सरल और व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया।
वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के अनुसार केवल कठिन आसन करना ही आध्यात्मिकता नहीं है, बल्कि वास्तविक योग चरित्र निर्माण, आत्मसंयम और अनुशासित जीवन शैली में निहित है। स्वस्थ तन, शांत मन और संतुलित जीवन के लिए योग अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सामाजिक परिवेश में मनुष्य और प्रकृति के प्रति दयालुता, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों के विकास का सशक्त आधार भी है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि बढ़ती उम्र के साथ शरीर और मन में कई प्रकार के बदलाव आते हैं। ऐसे समय में नियमित योगाभ्यास और संतुलित दिनचर्या अपनाकर व्यक्ति अनेक शारीरिक और मानसिक समस्याओं से स्वयं को दूर रख सकता है तथा स्वस्थ, सक्रिय और प्रसन्न जीवन व्यतीत कर सकता है।
विश्व योग दिवस के इस आयोजन के माध्यम से स्वयंसेवकों ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करें और स्वस्थ भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
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