रिपोर्ट: मोहम्मद फैसल सिद्दीकी, बाराबंकी
भव्य पालकी यात्रा के साथ हुआ मंगल प्रवेश
बाराबंकी जनपद के फतेहपुर कस्बे में स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर रविवार को श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास का केंद्र बना रहा। यहां भगवान 1008 संभवनाथ एवं 1008 शांतिनाथ की नवीन स्फटिक जिन प्रतिमाओं का वैदिक एवं जैन परंपरा के अनुसार विधि-विधानपूर्वक मंगल प्रतिष्ठापन किया गया। इस अवसर पर नगर में भव्य पालकी यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु शामिल हुए।
पूरे नगर में भक्ति गीत, जयघोष और धार्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान की पालकी का स्वागत किया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
काकोरी के पंचकल्याणक महोत्सव से लाई गईं प्रतिमाएं
जानकारी के अनुसार, विगत माह लखनऊ के काकोरी में परम पूज्य पट्टाचार्य भगवंत श्री 108 विशुद्ध सागर जी महामुनिराज के सान्निध्य में आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में बहराइच निवासी धर्मानुरागी दंपति सुधीर कुमार जैन एवं कामनी जैन ने भगवान संभवनाथ (7 इंच) तथा भगवान शांतिनाथ (9 इंच) की स्फटिक प्रतिमाओं के प्रतिष्ठापन का पुण्य अर्जित किया था।
इन्हीं प्रतिमाओं को रविवार को फतेहपुर लाकर श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में भगवान आदिनाथ की वेदी पर विधिवत स्थापित किया गया।
भक्ति और जयघोष के बीच निकली शोभायात्रा
रविवार सुबह लगभग 7:30 बजे पवन जैन एवं सुधा जैन के निवास से भव्य पालकी यात्रा का शुभारंभ हुआ। गाजे-बाजे, भक्ति संगीत और भगवान के जयघोष के साथ यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई श्री महावीर जैन चैत्यालय (छोटा मंदिर) पहुंची।
यहां श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी, पुष्पवर्षा की और पालकी का भव्य स्वागत किया। इसके बाद यात्रा पंचघरा स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर पहुंची, जहां धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।
विधि-विधान से सम्पन्न हुए धार्मिक अनुष्ठान
मंदिर में जैन आगम और परंपरा के अनुसार भगवान की प्रतिमाओं का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन-अर्चन तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न हुए। इसके बाद दोनों प्रतिमाओं को भगवान आदिनाथ की वेदी पर विधिवत विराजमान कराया गया।
कार्यक्रम के समापन पर कल्याण मंदिर वंदना, दीप अर्चना और मंगल आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
समाज की रही उत्साहपूर्ण भागीदारी
पूरे आयोजन में जैन समाज के सभी वर्गों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुशासन और भक्ति भावना के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया।
इस अवसर पर समाज अध्यक्ष सचिन जैन, महामंत्री प्रांशु जैन, आलोक जैन, के.के. जैन, पंकज जैन, राजा जैन, टीनू जैन, आशीष जैन सहित समाज के अनेक वरिष्ठजन, महिलाएं, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का मिला संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, संस्कार और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। भगवान संभवनाथ और भगवान शांतिनाथ के आदर्श आज भी समाज को सत्य, अहिंसा, संयम और सदाचार का संदेश देते हैं।
निष्कर्ष
फतेहपुर कस्बे में आयोजित भगवान संभवनाथ एवं भगवान शांतिनाथ की स्फटिक जिन प्रतिमाओं के मंगल प्रतिष्ठापन समारोह ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ दिया। भव्य पालकी यात्रा, धार्मिक अनुष्ठानों और सामूहिक सहभागिता के साथ सम्पन्न हुआ यह आयोजन जैन समाज की आस्था, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को यादगार और सफल बना दिया।
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