Thursday, November 5, 2026
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22 साल तक देश की सेवा के बाद मीरजापुर लौटे सेना के JCO विजय बहादुर सरोज, रेलवे स्टेशन से गांव तक हुआ भव्य स्वागत

रिपोर्ट: मीरजापुर

22 वर्षों तक भारतीय सेना में अपनी अनुकरणीय सेवाएं देने के बाद सेना के जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) पद से सेवानिवृत्त होकर पहली बार अपने गृह जनपद मीरजापुर पहुंचे विजय बहादुर सरोज का रेलवे स्टेशन से लेकर उनके पैतृक गांव तक भव्य स्वागत किया गया। स्वागत कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति का माहौल देखने को मिला और लोगों ने पूर्व सैनिक के सम्मान में फूल-मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया।

रेलवे स्टेशन पर उमड़ा जनसैलाब

सेवानिवृत्ति के बाद पहली बार मीरजापुर पहुंचे विजय बहादुर सरोज का रेलवे स्टेशन पर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। जैसे ही वह ट्रेन से उतरे, पहले से मौजूद लोगों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और भारत माता के जयकारों के बीच पूरा स्टेशन परिसर उत्साह से भर उठा। कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उनके लंबे सैन्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिक समाज के लिए प्रेरणा होते हैं और उनका सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

22 वर्षों तक निभाई राष्ट्र रक्षा की जिम्मेदारी

विजय बहादुर सरोज ने भारतीय सेना में लगभग 22 वर्षों तक विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। अपने सैन्य जीवन में उन्होंने अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सेना में उनकी सेवाओं को सम्मानपूर्वक याद किया जा रहा है।

भारतीय सेना में सेवा देने वाले जवान कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। ऐसे सैनिकों की मेहनत और त्याग के कारण देश के नागरिक सुरक्षित जीवन जी पाते हैं। विजय बहादुर सरोज का सम्मान इसी भावना का प्रतीक माना जा रहा है।

गांव चेकसारी तक चलता रहा स्वागत

रेलवे स्टेशन से निकलने के बाद विजय बहादुर सरोज का काफिला उनके पैतृक गांव चेकसारी के लिए रवाना हुआ। रास्ते में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। अनेक जगहों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया।

गांव पहुंचने पर परिजनों, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। ढोल-ताशों की धुन पर उनका अभिनंदन किया गया और लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

समाज सेवा का लिया संकल्प

अपने स्वागत से अभिभूत विजय बहादुर सरोज ने सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में 22 वर्षों तक देश की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करना हर सैनिक के लिए गर्व की बात होती है।

उन्होंने आगे कहा कि अब सेवानिवृत्ति के बाद वे अपने क्षेत्र और समाज के बीच रहकर जनसेवा के कार्यों में योगदान देने का प्रयास करेंगे। उन्होंने युवाओं से भी देश सेवा के लिए आगे आने और भारतीय सेना में शामिल होने की अपील की।

सैनिकों के सम्मान का संदेश

इस आयोजन ने समाज में सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश दिया। उपस्थित लोगों ने कहा कि देश की सुरक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले सैनिकों का सम्मान हर स्तर पर होना चाहिए। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भी देशभक्ति और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि सैनिकों का त्याग और समर्पण देश के लिए अमूल्य है। समाज का दायित्व है कि ऐसे वीरों का सम्मान हमेशा किया जाए।

बड़ी संख्या में रहे मौजूद

स्वागत कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने विजय बहादुर सरोज का अभिनंदन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जिला मीडिया प्रभारी पंडित भावेश शर्मा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विजय बहादुर सरोज के प्रथम गृह आगमन को यादगार बनाने के लिए यह स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

निष्कर्ष

22 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा देने के बाद मीरजापुर लौटे विजय बहादुर सरोज का जिस सम्मान और आत्मीयता के साथ स्वागत किया गया, वह समाज में सैनिकों के प्रति सम्मान और गर्व की भावना को दर्शाता है। रेलवे स्टेशन से लेकर उनके पैतृक गांव तक लोगों का उत्साह यह बताता है कि देश की रक्षा करने वाले सैनिक हमेशा समाज के लिए प्रेरणा बने रहते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का उनका संकल्प भी लोगों के लिए सकारात्मक संदेश लेकर आया है।

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