Thursday, November 5, 2026
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Homeउत्तर प्रदेशविद्युत उत्पादन हब बनने की दिशा में एक कदम और बढ़ा मीरजापुर

विद्युत उत्पादन हब बनने की दिशा में एक कदम और बढ़ा मीरजापुर

योगी सरकार ने कैबिनेट की बैठक में 2799.47 करोड़ रुपये से उपकेंद्र व पारेषण लाइन निर्माण को दी मंजूरी

 

*जिले में एक तापीय व चार पम्प्ड स्टोरेज विद्युत परियोजनाओं का होना है निर्माण*

 

*-दादरी खुर्द गांव में अडानी समूह के पावर प्लांट का निर्माण जोरों पर*

 

मीरजापुर, 18 मई। प्रदेश में लागातर बढ़ रही बिजली की मांग को पूरा करने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने मीरजापुर में एक तापीय व चार पम्प्ड स्टोरेज विद्युत परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इन परियोजनाओं से बनने वाली बिजली को प्रदेश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने के लिए पुलिंग उपकेंद्र व पारेषण लाइनों के निर्माण को मंजूरी दी गई। सरकार के इस कदम से मीरजापुर में बनने वाली बिजली प्रदेश के अन्य जिलों तक आसानी से पहुंच सकेगी।

इस कार्य में 2799.47 करोड़ रुपये की लागत आएगी। जिसमें उपकेंद्र इत्यादि के निर्माण में 1315.91 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विद्युत पारेषण लाइनों के निर्माण पर शेष 1483.56 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी।

 

 

*अडानी के प्लांट की पहली यूनिट से सितंबर 2028 तक शुरू होगा उत्पादन*

 

मीरजापुर के दादरी खुर्द गांव में अडानी समूह द्वारा 1600 मेगावाट (2×800 मेगावाट) का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना की लागत लगभग 18,300 करोड़ रुपये है। डीजीएम सिद्धार्थ विक्रम सिंह ने बताया कि पावर प्लांट की पहली यूनिट से विद्युत उत्पादन सितंबर 2028 तक शुरू हो जाएगा। पहली यूनिट शुरू होने के छह माह बाद दूसरी यूनिट से भी विद्युत उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है। आधुनिक तकनीकी के पावर प्लांट की स्थापना से स्थानीय लोगों को रोजगार के भरपूर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। यह परियोजना मीरजापुर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

 

 

*जिले में चार पम्प्ड स्टोरेज पावर प्लांट परियोजनाएं हैं प्रस्तावित*

 

शासन द्वारा मीरजापुर में चार पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। यह प्लांट कुल 3,480 मेगावाट विद्युत का उत्पादन करेंगे। जिले के कटरा गांव में अवाड़ा ग्रुप द्वारा 4,410 करोड़ रुपए की लागत से 630 मेगावाट क्षमता वाला प्लांट स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। वहीं, कालू पट्टी में रेन्यू कंपनी द्वारा 3,350 करोड़ रुपए की लागत से 600 मेगावाट क्षमता का पम्प्ड स्टोरेज प्लांट लगाया जाएगा। इसी तरह बबुरा रघुनाथ सिंह गांव में ईस्ट इंडिया पेट्रोलियम द्वारा 3,946 करोड़ रुपए की लागत से 850 मेगावाट क्षमता वाला पम्प्ड स्टोरेज प्लांट लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त बबुरा गांव में ही रेन्यू कंपनी द्वारा 4,100 करोड़ रुपए की लागत से 800 मेगावाट क्षमता का एक और पंप स्टोरेज प्लांट लगाया जाएगा।

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