न्याय की गुहार या वर्दी का खौफ?
महिला ने सिपाही पर लगाए अशोभनीय हरकतों के गंभीर आरोप, एसपी से लगाई न्याय की गुहार
मिर्ज़ापुर मनीष पाण्डेय
पटेहरा,मीरजापुर
जनता की सुरक्षा और न्याय के लिए खड़ी पुलिस पर जब गंभीर आरोप लगने लगें, तो सवाल केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता का बन जाता है। ऐसा ही एक मामला संतनगर थाना क्षेत्र के रैकल गांव से सामने आया है, जहां एक पीड़ित महिला ने स्थानीय हल्का सिपाही पर रिश्वत मांगने, मानसिक उत्पीड़न करने तथा घर में घुसकर गलत हरकत करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक मीरजापुर से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता मंजू देवी पत्नी दिनेश कोल ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि 26 मई 2026 को उसकी जेठानी से मामूली कहासुनी हुई थी। इसी विवाद को लेकर उसकी जेठानी ने संतनगर थाने में उसके खिलाफ तहरीर दी थी। आरोप है कि मामले की जांच के नाम पर संतनगर थाने में वर्षों से तैनात हल्का सिपाही ने उसे थाने बुलाया और बिना किसी ठोस कारण के डांट-फटकार एवं धमकाने का प्रयास किया।
महिला का आरोप है कि जब उसने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों का विरोध किया, तो सिपाही ने विपक्षी के कहने पर उससे पांच हजार रुपये की मांग की। इतना ही नहीं, महिला ने अपने शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया कि सिपाही कई बार उसके घर पहुंचा और जब घर में कोई पुरुष सदस्य नहीं होता था, तब वह दबाव बनाकर उससे अनुचित संबंध बनाने की बात करता था।
पीड़िता के अनुसार विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी जाती थी। महिला ने आरोप लगाया कि सिपाही उसके हाथ पकड़कर अशोभनीय हरकतें करता था और डराने-धमकाने का प्रयास करता था। लगातार हो रहे इस कथित उत्पीड़न से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान है।
महिला ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि संबंधित सिपाही पिछले लगभग छह वर्षों से संतनगर थाने में तैनात है और क्षेत्र में उसकी कार्यशैली को लेकर पहले भी लोगों के बीच चर्चाएं होती रही हैं। पीड़िता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
न्याय की उम्मीद में दर-दर भटक रहे दंपत्ति
गांव की एक साधारण महिला द्वारा पुलिस अधीक्षक के दरवाजे तक पहुंचकर न्याय की गुहार लगाना इस बात का संकेत है कि वह खुद को असहाय और पीड़ित महसूस कर रही है। अब सभी की निगाहें जिला पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि इन गंभीर आरोपों की जांच किस प्रकार होती है और सच सामने आने पर क्या कार्रवाई की जाती है।
हालांकि महिला द्वारा लगाए गए बेहद गंभीर आरोप के बाद पति को बार बार फोन कर थाने बुलाया जा रहा है। पत्नी ने बताया कि पुलिस की भय से उसके पति का जीना हराम हो गया। शिकायती पत्र के आधार पर मामले की जांच जल्द से जल्द नहीं हुई तो किसी तरह की अनहोनी हो सकती है।
फिलहाल पूरे गांव में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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