Tuesday, November 3, 2026
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मणिपुरी म्यूजिशियन की हत्या की FIR में बड़ा खुलासा! ‘4-5 लड़के पिता को लात-घूंसों से पीट रहे थे’

मणिपुरी म्यूजिशियन सी. विक्रम सिंह की मौत के मामले में दर्ज FIR की कॉपी सामने आने के बाद घटना को लेकर कई अहम बातें सामने आई हैं। यह FIR उनके 20 वर्षीय बेटे याइफाबा ने दर्ज कराई है। FIR में याइफाबा ने उस रात हुई पूरी घटना का सिलसिलेवार विवरण पुलिस को दिया है। उसके बयान के मुताबिक, 6 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे उसने अपने पिता को घर के बाहर कुछ लड़कों से बुरी तरह पिटते हुए देखा था। याइफाबा के अनुसार, मौके पर करीब 4 से 5 लड़के मौजूद थे और वे उसके पिता के साथ लात-घूंसों से मारपीट कर रहे थे।

FIR में दर्ज बयान के मुताबिक, जब याइफाबा ने अपने पिता को इस तरह पीटते हुए देखा तो उसने शोर मचाया और मदद के लिए आवाज लगाई। उसके शोर मचाने के बाद आरोपी बताए जा रहे लड़के वहां से भाग निकले। इसके बाद घायल हालत में सी. विक्रम सिंह को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई। घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया और मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

याइफाबा ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उसके पिता के साथ हुई मारपीट अचानक हुई या इसके पीछे कोई पुराना विवाद था, इसको लेकर जांच में कई सवाल सामने आ रहे हैं। FIR में जिन 4 से 5 लड़कों का जिक्र किया गया है, उनकी पहचान और घटना में उनकी कथित भूमिका अब पुलिस जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर सी. विक्रम सिंह पर हमला क्यों किया गया और हमले के पीछे कौन लोग थे।

सी. विक्रम सिंह मणिपुर के म्यूजिक क्षेत्र से जुड़े हुए थे और उनकी मौत के बाद इस मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। घटना वाली रात क्या हुआ था, हमलावर कितनी देर तक वहां मौजूद रहे, मारपीट किस वजह से शुरू हुई और हमले के बाद आरोपी किस दिशा में फरार हुए, इन सभी बिंदुओं को जांच में शामिल किया जा रहा है।

FIR में बेटे का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह घटना के दौरान मौके पर मौजूद था और उसने अपने पिता को कथित तौर पर पिटते हुए देखने की बात कही है। हालांकि, FIR में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस अब प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, घटनास्थल से मिले संभावित सबूत और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

इस मामले में यह भी जांच का विषय है कि सी. विक्रम सिंह और उन लड़कों के बीच पहले से कोई विवाद था या हमला किसी तत्काल विवाद के बाद हुआ। पुलिस आरोपियों की पहचान करने के साथ-साथ यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि घटना के समय आसपास कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था या नहीं। अगर घटनास्थल के आसपास CCTV कैमरे लगे हैं तो उनकी फुटेज भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

फिलहाल FIR में बेटे याइफाबा की ओर से बताए गए घटनाक्रम ने मामले को नया मोड़ दिया है। एक तरफ परिवार घटना को लेकर गंभीर आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान और हमले की वास्तविक वजह पता लगाने की चुनौती है। सी. विक्रम सिंह की मौत के मामले में अब जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था और उनकी मौत के लिए कौन जिम्मेदार है। पुलिस की जांच और सामने आने वाले सबूत ही इस पूरे मामले की सच्चाई तय करेंगे।

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