विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े रिकॉर्ड उनके लिए मंजिल नहीं, बल्कि टीम की जीत तक पहुंचने का एक पड़ाव हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले वनडे में कोहली ने नाबाद 139 रन की तूफानी पारी खेलकर न सिर्फ भारत को आठ विकेट से जीत दिलाई, बल्कि वनडे क्रिकेट में 15,000 रन पूरे करने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज भी बन गए। उनसे पहले यह उपलब्धि सचिन तेंदुलकर के नाम थी। कोहली ने इस मुकाबले में अपना 55वां वनडे शतक और 86वां अंतरराष्ट्रीय शतक भी पूरा किया। लेकिन इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद जब विराट से उनके रिकॉर्ड और सोच के बारे में बात की गई, तो उनका फोकस व्यक्तिगत आंकड़ों से ज्यादा टीम इंडिया की जीत पर नजर आया। कोहली ने कहा कि उनका ध्यान कभी भी सिर्फ माइलस्टोन हासिल करने पर नहीं रहा। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब वह भारत के लिए मैदान पर उतरें तो टीम के लिए अपना काम पूरा कर सकें और टीम जीत हासिल करे। यही वजह रही कि वेस्टइंडीज के 295 रन के जवाब में भारतीय पारी के दौरान कोहली ने शुरुआत में समय लिया, लेकिन एक बार लय पकड़ने के बाद उन्होंने मुकाबले का रुख ही बदल दिया। कप्तान शुभमन गिल ने भी इस मुकाबले में शानदार 110 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 151 रन की साझेदारी हुई और भारत ने 296 रन का लक्ष्य सिर्फ 41.4 ओवर में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। खास बात यह भी रही कि शुभमन गिल के लिए विराट कोहली के साथ इस तरह की साझेदारी करना एक खास पल था। गिल ने बताया कि बचपन में वह कोहली को अपना आदर्श मानते थे और कभी उन्होंने नहीं सोचा था कि एक दिन वह उनके साथ मैदान पर बल्लेबाजी करते हुए 15,000 वनडे रन पूरे करने के ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनेंगे। वहीं कोहली ने गिल की बल्लेबाजी और नेतृत्व की तारीफ की। इस मुकाबले में सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, गेंदबाजी में भी भारत का प्रदर्शन प्रभावी रहा। कुलदीप यादव ने चार विकेट लेकर वेस्टइंडीज की पारी को रोकने में अहम भूमिका निभाई। वेस्टइंडीज की ओर से जस्टिन ग्रीव्स ने 101 रन बनाए, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने बाद के ओवरों में लगातार विकेट लेकर स्कोर को 295 रन तक सीमित कर दिया। अब भारत तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 से आगे है। लेकिन इस जीत के बीच सबसे ज्यादा चर्चा विराट कोहली के उस नजरिए की हो रही है, जिसमें 15,000 रन जैसा ऐतिहासिक आंकड़ा हासिल करने के बाद भी उनका ध्यान रिकॉर्ड से ज्यादा टीम की जीत पर है। कोहली की यह पारी सिर्फ एक और शतक नहीं रही, बल्कि भारतीय क्रिकेट में उनके लंबे सफर और टीम के लिए लगातार योगदान की एक और यादगार तस्वीर बन गई।
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