कन्नौज/तालग्राम। रोहली स्थित मां जहारा देवी के दरबार में भादों मास के चौथे शनिवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मेले में करीब दस लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा किया गया। सुबह मंदिर के पट खुलते ही दूर-दराज से आए भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी और दिन बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। भक्तों ने मां के दरबार में माथा टेककर अनाज चढ़ाया और अखंड ज्योति पर घी अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। मेले में करीब पांच हजार पैकेट अनाज चढ़ाए जाने की बात सामने आई। उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और गुजरात समेत कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। गुजरात और राजस्थान से आए लोगों ने पशुओं के लिए घुंघरू, झालर और घंटियों की खरीदारी की, जबकि लकड़ी की दुकानों पर गृहस्थी के सामान, बेलन, पट्टा, खटिया, पाया, मूसर, जुआ और हल की बिक्री हुई। मेले में खोया-पाया शिविर भी लगाया गया, जहां माइक से सूचना देकर बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाया गया। चढ़ावे में नेपाली मुद्रा के नोट मिलने की भी चर्चा रही, हालांकि नेपाल से विदेशी श्रद्धालुओं के आने की स्पष्ट पुष्टि नहीं हो सकी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए चार थानों का पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने मेले का निरीक्षण कर बैरिकेडिंग और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध रहीं। हालांकि मेले में पेयजल की व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए बड़ी समस्या बन गई। कई लोगों ने पानी के लिए इधर-उधर भटकने की शिकायत की। बताया गया कि लो-वोल्टेज के कारण मंदिर परिसर की पानी की टंकी नहीं भर सकी, जिससे दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को परेशानी हुई और कई भक्त बिना पानी पिए ही लौटने को मजबूर हुए।
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